किताबें न केवल ज्ञान बढ़ाती हैं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं: सुभाष चन्दर
गाजियाबाद (मुक्तिदीप) डिजिटल युग में घटती पढ़ने की आदत के बीच पुस्तकों के प्रति आकर्षण बढ़ाने और पठन संस्कृति को सहेजने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई है। नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) द्वारा आयोजित 'दिल्ली एनसीआर पुस्तक परिक्रमा' के अंतर्गत प्रताप विहार स्थित ब्लूम पब्लिक स्कूल में मोबाइल पुस्तक प्रदर्शनी की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री सुभाष चंदर ने किया। इस दौरान मोबाइल प्रदर्शनी बस के जरिए बच्चों और शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक व विविध साहित्य उपलब्ध कराया गया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुभाष चंदर ने कहा कि आज इंटरनेट और स्क्रीन के दौर में देश के भीतर 'पुस्तक संस्कृति' को बचाकर रखना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किताबें न केवल ज्ञान बढ़ाती हैं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र निर्माण और सोच को सही दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
पुस्तक संस्कृति को पुनर्जीवित करने में बच्चे सबसे बड़े संवाहक बन सकते हैं। यदि बचपन से ही उनमें पढ़ने की आदत डाली जाए, तो एक विचारशील समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के दौरान ब्लूम पब्लिक स्कूल के बच्चों में मोबाइल प्रदर्शनी को लेकर भारी उत्साह देखा गया। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में रखी गई कहानियों, विज्ञान, इतिहास और बाल साहित्य की किताबों को उत्सुकता से देखा और पढ़ा।
इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाध्यापक श्री आर. के. तोमर, शिक्षक माधव, श्री आकाश यादव और शिखा कौशिक विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने एनबीटी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों में पठन-पाठन के प्रति रुचि जागृत होती है।
नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से प्रतिनिधि श्री निखिल पांडे, श्री राजकुमार, श्री राकेश और श्री गजराज सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने बताया कि "पुस्तकों की मोबाइल बस" एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को किताबों से जोड़ने का काम करती रहेगी।
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