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कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन्

◆ डॉ स्वाति चौधरीहे मनुष्य! तू यदि सोचता है कि कर्म करूँगा तो फल पाऊँगा, और फल न मिले तो ईंट-गारा, जूता-चप्पल, मुक़दमा-इल्ज़ाम धर दूँगा—तो तू भ्रम में है। अरे भोले प्राणी! तू फल पर क्यों हक़ जमाता है, जैसे बरगद की छाँव पर ठेला जमाने वाला ठेलेवाला? समझ ले, यह सृष्टि यंत्रवत है और तू उसमें एक नट-बोल्ट भर। बोल्ट अगर यह कहे कि वह इंजन के चलने में राजा है, तो नट के हँसने का ठिकाना न रहेगा।कर्म कर, बिना ललचाए! अबे, भगवान ने कह दिया: "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन", पर तू है कि फल पर निगाह गड़ा के बैठा है, जैसे भूखा बिल्ला रसोई पर। भगवद्गीता को तू मोटिवेशनल किताब समझ बैठा है, और सोचता है कि दो पन्ना पढ़ के प्रमोशन मिल जाए!हे चातकचित मानस! जब अर्जुन को रणभूमि में खड़ा करके श्रीकृष्ण बोले कि "कर...

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साहित्य

कहानी " परवेश"

अरे भाई हमेशा नकारात्मक बात करते हो साबिर मियां, कभी इस मुंह से अच्छी बात भी निकाल दिया करो, क्यों जहर भरते हो इन नौजवानों के दिमाग में? जब पढ़ेंगे लिखेंगे तब ही तो आगे बढ़ेंगे। नसीम भाई ने सब के सामन...

राजनीति

भूकंप जैसा रहा “कॉकरोच” आंदोलन

किसी आंदोलन की तुलना भूकंप से करना ठीक नहीं। क्योंकि भूकंप बिना बताए आता है और कुछ सेकेंड या कुछ मिनट में बहुत कुछ तहस नहस करके चला जाता है। लेकिन नतीजों के मामले में देखें तो “कॉकरोच” आंदोलन ने सरकार...

राजनीति

भारत के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सोशल मीडिया की ऐतिहासिक जीत

मेरठ ( मुक्तिदीप ) 26 जुलाई 2026 सोशल मीडिया संगठन एस एम ए के राष्ट्रीय महामंत्री अंकित विश्नोई ने बताया कि भारत की कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा भारत में होने वाले पेपर लीक के उपलक्ष में जो आंदोलन किया थ...

चंद्रशेखर ने जीता छात्रों का विश्वास, आंदोलन के बने सबसे बड़े नायक आज़ाद समाज पार्टी की रणनीति ने मोदी सरकार को लाया घुटनों पर, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से टूटा अहंकार

नई दिल्ली ( मुक्तिदीप ) नीट यूजी पेपर लीक प्रकरण को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन उस समय निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया, जब 15 जुलाई को आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्र...

kavita

ज़हर को और ज़हरीला बनाने में वो माहिर है...

उसे देखा है, झेला है, बदन पर आजमाया है वही क़ातिल है जो तफ्तीश करने घर में आया हैबहुत शातिर है वो, उस्ताद है अपने हुनर में वो, वो बनता है बड़ा अपना, हक़ीक़त में पराया हैउसे आता है बातों से लुभाना, चाह...

लोकल

साहित्य उपवन रचनाकार के मंच से "अनमोल कला : हॅंसते रहो -हॅंसाते रहो" का भव्य विमोचन व यादगार कवि सम्मेलन

नोएडा (मुक्तिदीप ) साहित्य जगत के लिए 19 जुलाई का दिन अत्यंत गरिमामयी रहा, जब 'साहित्य उपवन रचनाकार' के तत्वावधान में नोएडा स्थित नमामि भारत रेस्टोरेंट में प्रख्यात कवि सुरेश चंद्र की बहु प्रतीक्षित क...