कहानी संग्रह 'आगे से फटा जूता' के लिए प्रज्ञा हिंदी ट्रस्ट द्वारा साहित्यकार राम नगीन मौर्य को पुरुस्कार की घोषणा
लखनऊ (मुक्तिदीप) प्रज्ञा हिंदी ट्रस्ट द्वारा आयोजित होने वाले आगामी 'अष्टम् अंतरराष्ट्रीय प्रज्ञा सम्मान समारोह – 2026' के लिए चयनित विभूतियों तथा सम्मान प्रदाताओं की आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है। इस गरिमामय समारोह में लखनऊ के वरिष्ठ साहित्यकार एवं लेखक श्री राम नगीन मौर्य को उनके चर्चित कहानी संग्रह 'आगे से फटा जूता' के लिए "श्री दिलीप जिंदल स्मृति पुन्नी सिंह कथाश्री अलंकरण-2026" से सम्मानित किया जाएगा। ज्ञात रहें यह सम्मान देश के विभिन्न शहरों के 24 चुनिंदा वरिष्ठ साहित्यकारों को दिया जाएगा। प्रज्ञा सम्मान समारोह में देश के सुप्रसिद्ध साहित्यकारों ने निर्णायक मंडल में योगदान दिया जिसमें सर्व श्री प्रो. अजिर बिहारी चौबे (अध्यक्ष, निर्णायक समिति/उपनिदेशक मूल्यांकन, फिरोजाबाद), प्रो. सोम ठाकुर (आगरा), डॉ. शिव ओम अंबर (फरुखाबाद), पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर (दिल्ली), पद्मश्री डॉ. उषा यादव (आगरा), श्रीमती मैत्रेई पुष्पा (दिल्ली), डॉ. रामसनेही लाल शर्मा 'यायावर' (फिरोजाबाद), श्रीमती ममता कालिया (दिल्ली), डॉ. लीलाधर मंडलोई (दिल्ली), प्रो. (डॉ.) उमापति दीक्षित (केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा), डॉ. दीपक पांडेय (उपनिदेशक, केंद्रीय हिंदी निदेशालय), डॉ. मैथिली प्र. राव (बेंगलुरु), डॉ. श्याम सनेही लाल शर्मा (संरक्षक), प्रो. (डॉ.) वशिष्ठ अनूप (हिंदी विभागाध्यक्ष, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय), प्रो. (डॉ.) पवन कुमार अग्रवाल (हिंदी विभागाध्यक्ष, लखनऊ विश्वविद्यालय), प्रो. (डॉ.) योगेन्द्र प्रताप सिंह (हिंदी विभागाध्यक्ष, इलाहाबाद विश्वविद्यालय), डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र (आई.ए.एस. उत्तर प्रदेश कैडर), श्री पवन कुमार (आई.ए.एस. उत्तर प्रदेश कैडर), श्री अजय तोमर (आई.पी.एस. गुजरात कैडर), डॉ. अपूर्व चतुर्वेदी (पद्म-भूषण दादा बनारसी दास चतुर्वेदी जी के पौत्र/मुख्य-निदेशक), श्री यशपाल 'यश' (निवर्तमान अध्यक्ष), श्री राघवेंद्र पाल सिंह जादौन (ट्रस्ट अध्यक्ष) आदि ने हिंदी गद्य एवं कथा साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली रचनाओं का चयन किया गया है, जिसमें श्री राम नगीन मौर्य की कृति ने अपनी पहचान बनाई है।
यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मान समारोह 21 फरवरी, 2027 को आयोजित किया जाएगा। समारोह में देश-विदेश की कई जानी-मानी साहित्यिक हस्तियों को हिंदी भाषा, साहित्य, कला और अनुवाद में उत्कृष्ट योगदान के लिए अलंकृत किया जाएगा।
राम नगीन मौर्य साहब को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने की घोषणा से उनके प्रशंसकों और साहित्यिक जगत में हर्ष की लहर है।
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