हिंदी के वैश्विक विस्तार में पुरस्कृत साहित्यकारों की भूमिका महत्वपूर्ण : प्रो.हितेंद्र मिश्र
नई दिल्ली (मुक्तिदीप) अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद एवं वैश्विक हिंदी परिवार के तत्वावधान में हिंदी पखवाड़ा के उपलक्ष्य में प्रवासी संवाद और साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन 01 अक्टूबर 2026 को प्रवासी भवन, 50 दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली में किया गया। समारोह में हिंदी भाषा, साहित्य और उसके वैश्विक विस्तार पर सार्थक विमर्श हुआ तथा साहित्य एवं हिंदी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय हिंदी निदेशालय के निदेशक प्रो. हितेंद्र कुमार मिश्र ने की। अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के महासचिव श्री श्याम परांडे ने स्वागताध्यक्ष के रूप में अतिथियों का स्वागत किया। जर्मनी के शिक्षाविद् श्री दिव्यराज अमित मुख्य अतिथि रहे, जबकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के मानद निदेशक श्री नारायण कुमार तथा वैश्विक हिंदी परिवार के अध्यक्ष श्री अनिल जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह में प्रो. विमलेश कान्ति वर्मा, सुश्री इंदिरा मोहन, प्रो. पुरुषचंद टंडन तथा सुश्री सविता चड्ढा को हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिंदी के समकालीन स्वरूप, साहित्य की भूमिका तथा हिंदी के अंतरराष्ट्रीय प्रसार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। विमर्श में डॉ. वरुण कुमार, श्री शिव कुमार निगम, श्री मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ तथा ने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. जितेन्द्र चौधरी, सुश्री आरुषि ठाकुर, श्री प्रखर शर्मा तथा सुश्री विशाखा के सम्मान-पत्रों का वाचन भी किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री ऋषि कुमार शर्मा, अध्यक्ष, वैश्विक हिंदी परिवार (दिल्ली) ने किया। स्वागत उद्बोधन श्री विनयशील चतुर्वेदी ने किया। समारोह में पत्रकारों,साहित्यकारों, शोधर्थियों, शिक्षाविदों और हिंदी-प्रेमियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम ने हिंदी को वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त बनाने तथा साहित्यकारों के योगदान को रेखांकित करने का संदेश दिया।
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