गाजियाबाद रेलवे स्टेशन यार्ड से उड़ती धूल से बढ़ा प्रदूषण।

समाजसेवी एड.संदीप साहू ने की नियमित जल छिड़काव की मांग

​गाजियाबाद (मुक्तिदीप) देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार गाजियाबाद में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। शहर में बढ़ते प्रदूषण के बीच गाजियाबाद रेलवे स्टेशन यार्ड से रात-दिन चलने वाले भारी माल वाहक ट्रकों के कारण भारी मात्रा में उड़ती धूल ने आसपास के निवासियों और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

आसपास के वायुमंडल में जहरीले कणों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।

​इस गंभीर समस्या को देखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी संदीप साहू ने रेलवे प्रशासन और स्थानीय जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यार्ड क्षेत्र में नियमित और व्यापक स्तर पर पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए ताकि हवा में उड़ते धूल कणों पर अंकुश लगाया जा सके।

​संदीप साहू ने बताया कि गाजियाबाद पहले से ही प्रदूषण के मामले में देश में शीर्ष स्थानों पर रहता है। ऐसे में रेलवे यार्ड में बिना किसी रोकथाम के उड़ती धूल आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इससे आसपास रहने वाले लोगों और दैनिक यात्रियों में श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

​श्री साहू ने प्रशासन से मांग कि है कि रेलवे यार्ड और नजदीकी पहुंच मार्गों पर एंटी-स्मॉग गन अथवा स्प्रिंकलर वाहनों के जरिए दिन में कई बार पानी का छिड़काव कराया जाए एवं यार्ड और रिहायशी इलाकों के बीच धूल रोकने वाले ऊंचे बैरियर या टीन शेड लगाए जाएं साथ ही मालगाड़ियों में लोड होने वाली खुली धूल-कारक सामग्रियों जैसे सीमेंट,कोयला, गिट्टी, रेत आदि को ढका जाए। ​स्थानीय निवासियों ने भी समाजसेवी संदीप साहू की इस मांग का समर्थन किया है और उम्मीद जताई है कि रेलवे व जिला प्रशासन जनहित में इस पर जल्द से जल्द कड़ा संज्ञान लेगा।

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