टूटी, गड्ढे वाली सड़कें,कूड़े के ढेर, सफाई कर्मी नदारद, नगरनिगम की उपेक्षा का शिकार गोविंदपुरम।
गोविंदपुरम में वर्षों की जद्दोजहद के बाद बनी गली नंबर 1 की सड़क,निवासियों में खुशी की लहर
गाजियाबाद (मुक्तिदीप) जनपद का गोविंदपुरम क्षेत्र लंबे समय से नगर निगम की अनदेखी और लचर प्रशासनिक व्यवस्था के चलते अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। क्षेत्र की मुख्य टूटी और गड्ढायुक्त सड़कें, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, आवारा व खूंखार कुत्तों के झुंड और बंदरों के आतंक ने इस कॉलोनी की एक अलग ही नकारात्मक पहचान बना दी थी। स्थिति यह थी कि कॉलोनियों में तैनात सफाई कर्मचारी भी अपनी ड्यूटी से नदारद रहते थे, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन नारकीय बन गया था।
इन तमाम मुश्किलों के बीच, गोविंदपुरम कॉलोनी की गली नंबर 1 के निवासियों के लिए आखिरकार एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। स्थानीय पार्षद की उदासीनता और प्रशासनिक उपेक्षा को दरकिनार करते हुए, कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार यह सड़क 10 साल के लंबे इंतजार के बाद बनकर तैयार हो गई है। सड़क के निर्माण से स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
ज्ञात हो कि गोविंदपुरम के 10 वर्ष पूर्व पार्षद रहे अनिल चौधरी के कार्यकाल में उनके अथक प्रयासों से यह सड़क बनी थी, लेकिन बीते 5 वर्षों से यह पूरी तरह टूट चुकी थी और इसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए थे। सड़क के खात्मे के कारण यहाँ आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं और लोग चोटिल हो रहे थे।
हैरानी की बात यह है कि इसी लाइन में लोकदल के बड़े नेता, सीनियर सिटीजन सोसाइटी के अध्यक्ष, एक नामचीन बैंकट हाल के मालिक और एक आईपीएस अधिकारी तक का निवास स्थान है। रसूखदार और प्रतिष्ठित लोगों का आशियाना होने के बावजूद, यहां के निवासियों को पिछले 5 साल तक नरकीय जीवन और दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर लगातार अनदेखी होती रही।
समाजसेवियों की तीन साल की भागदौड़ आई रंग
सूत्रों के अनुसार, गली नंबर 1 के इस बदहाल मार्ग का निर्माण किसी जनप्रतिनिधि की स्वतः संज्ञान ली गई पहल का परिणाम नहीं है, बल्कि यह समाजसेवी बाल कृष्ण शर्मा और विक्रम पाल शर्मा की पिछले तीन साल से लगातार जारी भागदौड़ और संघर्ष का परिणाम है। इनकी निरंतर पैरवी और प्रशासनिक बैठकों के बाद जाकर स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। भले ही गली नंबर 1 के निवासियों को पक्की सड़क मिलने से राहत मिली हो, लेकिन गोविंदपुरम के अन्य हिस्सों में आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं। नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं कि जब तक जनता और समाजसेवी खुद सड़कों पर उतरकर संघर्ष नहीं करेंगे, तब तक क्या नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं होंगी?
इस सम्बंध में जब मुक्तिदीप ने गोविंदपुरम निवासी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व धौलाना के पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्री संतोष यादव से बात की तो उन्होंने बताया कि स्थानीय पार्षद का विकास कार्यों में रुचि न लेना व अपने कुछ चहेते क्षेत्रों में ही कार्य कराने के कारण आज गोविंदपुरम निवासी नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। टूटी व गड्डायुक्त सड़कों पर रोज वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे है। श्री यादव कहते है कि यह तब है जब गोविंदपुरम निवासी भरपूर टैक्स निगम को जमा करते है, लेकिन सुविधाओं का अभाव फिर भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने अब जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि केवल एक गली ही नहीं, बल्कि पूरे गोविंदपुरम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, आवारा पशुओं के आतंक और टूटी सड़कों की समस्या का स्थाई समाधान किया जाए।
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