रिटायर पत्रकारों द्वारा “सीनियर जर्नलिस्ट फेडरेशन” का गठन।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
नई दिल्ली (मुक्तिदीप) सीनियर जर्नलिस्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 26 जुलाई को नई दिल्ली में संपन्न हुई।
बैठक में सीनियर जर्नलिस्टों के कल्याण, खासकर पेंशन और चिकित्सा सेवा मुहैया कराने के लिए गंभीरता से विचार किया गया। यह संगठन वरिष्ठ पत्रकारों के कल्याण के लिए ही बनाया गया है। इसके सदस्य वही लोग बन सकते हैं, जिनकी आयु 58 वर्ष से ज्यादा हो और जिन्होंने कम से कम 15 वर्ष तक नियमित रूप से पत्रकारिता की हो। बैठक में प्रसिद्ध पत्रकार राजदीप सरदेसाई, नीना व्यास, आर रामचंद्रन, संदीप दीक्षित, जॉर्ज कालिवेलिल और अमरेंद्र कुमार राय जैसे वरिष्ठ और सम्मानित पत्रकारों ने हिस्सा लिया। बैठक का आयोजन सीनियर जर्नलिस्ट फेडरेशन की दिल्ली ईकाई ने किया था। इस आयोजन को सफल बनाने में दिल्ली ईकाई की कर्मठ सदस्य रीना शर्मा का विशेष योगदान रहा। उन्होंने अपने संपर्कों का प्रयोग कर देश भर से आये प्रतिनिधियों के रहने, खाने, ठहरने की व्यवस्था बोडोलैंड भवन में की।
संगठन की कार्यकारिणी ने पत्रकारों के कल्याण और संगठन को और ज्यादा मजबूत बनाने पर जोर दिया। संगठन की स्थापना 2025 में केरल में की गई थी। साल भर के भीतर ही केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पांडिचेरी, दिल्ली आदि राज्यों में संगठन की इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, असम, पश्चिम बंगाल आदि में वरिष्ठ पत्रकार सक्रिय हैं और जल्दी ही इन राज्यों में भी संगठन का बेहतर स्वरूप सामने आएगा। यह कार्य पूरे देश में दिसंबर से पहले पूरा कर लिया जाएगा। फेडरेशन के कार्यकारिणी की अगली बैठक 2027 में बंगलौर में प्रस्तावित है। कर्नाटक इकाई ने बैठक कराने की पेशकश की है। इससे पहले जिन राज्यों में राज्य स्तरीय सम्मेलन नहीं हुए हैं, वे राज्य अपने यहां ये सम्मेलन करायेंगे। बैठक में पूरे देश से एक दर्जन से ज्यादा राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
पूरे देश में संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए पांच हिस्सों में विभाजित किया गया है और एक-एक व्यक्ति को इसकी जिम्मेदारी सौपी गई है। दक्षिण भारत, पश्चिमी भारत, उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत इन पांच हिस्सों में बांटा गया है। फिलहाल मध्य भारत को भी पश्चिमी भारत के साथ रखा गया है। इसकी जिम्मेदारी पश्चिमी भारत को देखने वाले प्रभारी की होगी। बाद में मध्य भारत के लिए अलग प्रभारी तय किया जाएगा।
बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आये पत्रकारों ने अपने यहां के पत्रकारों की स्थिति और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को बारे में जानकारी दी। यह भी बताया कि वहां अभी और क्या-क्या किये जाने की जरूरत है। बैठक में वरिष्ठ पत्रकारों के लिए सम्मानजनक पेंशन और चिकित्सा सुविधा प्रदान किये जाने की खास तौर पर चर्चा की गई।
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