पहाड़ा नदी पर "पुल" की मांग को लेकर ग्रमीणों का अनोखा प्रदर्शन। रौंद रूप दिखा रही नदी के पास राष्ट्रगान के साथ तहसीलदार को ज्ञापन सौपा


बिजनौर (मुक्तिदीप) कस्बा बढ़ापुर के निकट उत्तराखंड व उप्र की सीमा में बह रही पहाड़ा नदी

आजकल तेज बारिश के चलते अपना रौंद रूप धारण किये गए हैं। फलस्वरूप स्थानीय अनेको गांवों के निवासियों का जनजीवन प्रभावित होकर रुक गया है। वहां के स्थानीय लोग एक लंबे अरसे से पहाड़ा नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे है। स्थानीय गामीणों का कहना है कि योगी जी की सरकार कितने ही विकास के दावे करे और हाई वे, फ्लाई ओवर शो करे लेकिन ग्रामीण हलकों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बिजनौर की तहसील नगीना के परगना बढ़ापुर के उत्तराखंड की सीमा पास वाले गाँवो के बीच पहाड़ा नदी पडती है। इसमें जब भी पहाड़ों पर बारिश होती तो पानी आ जाता है. लोगों निकलना मुश्किल हो जाता है.

बीते साल दो हफ्ते तक ग्रामीणों का धरना चला भाजपा विधायक जो योगी जी के खासम खास माने जाते है ने आश्वासन दिलवाकर धरना ख़त्म कराया था। लेकिन दिखावे को नापतोल हुई कोई एक्शन नहीं हुआ. आज किसान यूनियन ने हर साल नगीना की ओर ले जाने वाली अपनी यात्रा का रुख उल्टा करके पहाड़ा नदी की तरफ मोड़ दिया. नदी के बीच राष्ट्र गान हुआ ओर नायब तहसीलदार को बुलाकर ज्ञापन दिया. ट्रैक्टर रैली देख प्रशासन के हाथ पाँव फूल गए थे मौक़े पर अ.भा. किसान यूनियन के सलीम अंसार, ज़िआउल इस्लाम सी.पी.एम. जिला कोंसिल मेंबर ओर बढ़ापुर के पूर्व चेयरमैन कॉमरेड शराफत हुसैन ने भी पुल बनवाये जाने की मांग का मौक़े पर जाकर समर्थन किया।

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