कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण।




पर्यावरण एवं जल संरक्षण कर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी करें नागरिक: जिलाधिकारी

गाजियाबाद (मुक्तिदीप) स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण कर आज़ादी पर्व

हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया।

प्रातः 08:00 बजे जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रगान गाया गया। तदोपरान्त सुशीला बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कविता मीना तथा बच्चों, मुख्य विकास अधिकारी श्री कुमार सौरभ सहित अन्य अधिकारियों द्वारा ‘एक पेड़ देश के नाम’ अभियान के अंतर्गत कलेक्ट्रेट में वृक्षारोपण किया गया। इसके उपरान्त केडीबी स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। वहीं, नींव शक्ति संस्था के मूक-बधिर एवं दिव्यांग बच्चों द्वारा भी देशभक्ति गीत पर मनमोहक प्रस्तुति दी गई।

जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने मौके पर उपस्थित जनसमूह एवं मीडिया के माध्यम से देश, प्रदेश तथा जनपदवासियों सहित समस्त नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज "हर घर तिरंगा" अभियान के अंतर्गत पूरा देश स्वतंत्रता दिवस को उत्साह, उमंग और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मना रहा है, जो हमारे सशक्त नेतृत्व एवं जनभागीदारी का प्रतीक है। यह हम सभी के लिए गर्व और गौरव का विषय है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों तथा उन महापुरुषों को नमन किया, जिन्होंने किसी न किसी रूप में भारत की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि हम सभी को इस राष्ट्रीय पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए। साथ ही उन महान विभूतियों के सपनों के अनुरूप एक स्वतंत्र, स्वच्छ, स्वस्थ, समृद्ध, विकसित और खुशहाल भारत के निर्माण हेतु अपने दायित्वों एवं नैतिक जिम्मेदारियों का पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण भाव से निर्वहन करना चाहिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जो भी अधिकारी एवं कर्मचारी या अन्य कोई जो जिम्मेदार पदों पर आसीन हैं, उनका यह दायित्व है कि उनके पास अपनी समस्या लेकर आने वाले प्रत्येक आम नागरिक, पीड़ित एवं शिकायतकर्ता की बात को पूरी संवेदनशीलता और धैर्य के साथ सुनें तथा उसकी समस्या को समझते हुए उसका गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही, शिकायतकर्ता से यह भी जानकारी प्राप्त करें कि उसे किसी अन्य समस्या का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। यदि कोई अन्य समस्या हो तो उसके समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गरीब, कमजोर, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के हित और उनकी सुविधा के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों तक पहुंचाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। हमें इस कार्य को पूरी तत्परता, संवेदनशीलता, निष्ठा और समर्पण के साथ करना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी जरूरतमंद की सेवा करने और उसकी समस्या के समाधान में सहयोग करने का अवसर हर किसी को नहीं मिलता। यदि ईश्वर और व्यवस्था ने हमें लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है, तो हमें इस अवसर का सदुपयोग करते हुए पूरी ईमानदारी और सेवा भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। जनसेवा केवल हमारा कर्तव्य ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के इस संकल्प में पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। हम सभी को पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण तथा पर्याप्त जल संसाधन मानव जीवन के आधार हैं। वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, भूजल स्तर में गिरावट तथा जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों को देखते हुए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य प्रदान करने के लिए हमें आज से ही ठोस प्रयास करने होंगे। जिलाधिकारी ने आगे कहा कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा "एक पेड़ देश के नाम" अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल सुनिश्चित करे, तो हरित आवरण में वृद्धि होगी, पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा तथा देश को स्वच्छ, हरित और समृद्ध बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। इसलिए प्रत्येक नागरिक को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल के सदुपयोग तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए आगे आना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, हरित और समृद्ध भारत प्रदान किया जा सके।


कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के नेतृत्व में गुरूनानक (बैण्ड प्रस्तुति), केडीबी (गीत प्रस्तुति), सुशीला बालिका इन्टर कॉलेज, नीव शक्ति संस्था सहित स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में विजेता विद्यार्थियों एवं सिविल डिफेंस के वार्डनों व स्पोर्टस में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस मौके के कई स्कलों के विद्यार्थियों, एनसीसी, स्काउट एंड गाईड द्वारा प्रतिभाग किया गया, जो कि सैकड़ों की संख्या में रहे। कार्यक्रम के अंत में मिष्ठान वितरित किया गया। उपस्थित लोगों का कहना था कि जनपद में पहली बार इतने हर्षोंल्लास के साथ कलेक्ट्रेट में स्तवंत्रता दिवस मनाया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से एडीएम सिटी श्री विकास कश्यप, एडीएम एफ/आर श्री अंजनी कुमार सिंह, एडीएम ई ज्योति मौर्य, एडीएम जे अंजली गंगवार, सिटी मजिस्ट्रेट श्री सतीश चन्द्र तिवारी, सीटीओ पुष्पांजलि, डीआईओएस श्री बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए श्री ओपी यादव, डीआईओ श्री वाईपी सिंह, चीफ वार्डन सिविल डिफेंस श्री ललित जायसवाल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरान्त जिलाधिकारी महोदय द्वारा रक्षा भूमि विजय नगर के पास स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम ''एक पेड़ देश के नाम'' के अन्तर्गत वृक्षारोपण किया गया।

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