मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार पर उसके नेताओं की अवैध निगरानी करने का आरोप लगाया
लखनऊ (मुक्तिदीप) भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के उत्तर प्रदेश राज्य मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की भाजपा की योगी आदित्यनाथ की सरकार पर आरोप लगाया है।
माकपा के राज्य सचिव कॉमरेड रविशंकर मिश्र ने प्रेस को जारी एक बयान में आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में वह गैर-कानूनी तरीके से हमारी पार्टी के नेताओं की निजता के साथ खिलवाड़ करना चाहती है। बिना पार्टी को विश्वास में लिये तथा बिना किसी लिखित आदेश/नोटिस अथवा सूचना के पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं की गोपनीय सूचनाएँ एकत्रित कराई जा रही हैं। पुलिस द्वारा व्यक्तिगत सूचनाएँ एकत्र कराना सही नहीं है। इनके दुरुपयोग की भी प्रबल संभावनाएँ हैं। सरकार को सर्वप्रथम यह बताना चाहिए कि वह क्यों व किस प्रयोजन से हमारी पार्टी अथवा अन्य पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं से उनके आधार व पैन कार्ड, बैंक अकाउंट, वोटर आईडी तथा जमीन आदि के कागजात की जानकारी जुटा रही है। बिना प्रयोजन बताए तथा बिना लिखित आदेश/सूचना के तामील कराए पुलिस अथवा लोकल इंटेलिजेंस के जरिये इन जानकारियों को उजागर कराना नागरिकों की निजता व उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
माकपा ने इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसका विरोध किया है और इसे तत्काल रोकने की मांग की है। पार्टी ने यह भी कहा है कि यदि सरकार के लिए ऐसा करना आवश्यक हो गया है तो उसे सबसे पहले इसे सार्वजनिक तौर पर घोषित करना चाहिए, पार्टी की उच्चस्तरीय कमेटियों को विश्वास में लेना चाहिए था। बिना किसी लिखित आदेश के वह बैंक आदि की संवेदनशील गोपनीय सूचनाएँ नहीं मांग सकती है। यह सरासर गलत है तथा एक सोची-समझी रणनीति के तहत निगरानी करने जैसा हैं।
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