सरकार का 'भाकपा' की 01 सितम्बर की रैली को असफल करने का प्रयास: डॉ अरविंद स्वरूप

हाउस अरेस्ट भाकपा नेताओं को तुरन्त रिहा करने की मांग

लखनऊ (मुक्तिदीप) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड डॉ अरविंद स्वरूप ने चीफ सेक्रेटरी, उत्तर प्रदेश सरकार व डायरेक्टर जनरल पुलिस, उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के जनपदों में पार्टी सचिवों को हाउस अरेस्ट करने का विरोध करते हुए कहा है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की अखिल भारतीय रैली 1 सितंबर 26 को दिल्ली रामलीला मैदान में होना तय है। उत्त रैली को संपन्न करने की इजाजत सरकार से प्राप्त की हुई है।

उत्तर प्रदेश के दूर दराज इलाकों से जनता, पार्टी नेताओं के साथ दिल्ली रैली में भाग लेने आ रही है।

इस सम्बंध में राज्य के विभिन्न जनपदों से सूचना प्राप्त हुई है कि विभिन्न जिलों में स्थानीय पुलिस, नेताओं के घर जा रही है और उनको हाउस अरेस्ट कर रही है। गाज़ियाबाद में भी पार्टी सचिव कॉमरेड सईद अनवर को भी दो दिन पहले उनके पप्पू कॉलोनी स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। अलीगढ के जिला सचिव का. एहतेशाम बेग भी हॉउस अरेस्ट कर लिये गए है।

डॉ अरविंद स्वरूप ने अपने बयान में कहा है कि ऐसा किया जाना राजनीतिक दलों को और जनता को भारत के संविधान के द्वारा प्रदत्त अधिकारों का खुला उल्लंघन है और लोकतंत्र में जनवादी प्रक्रिया का निषेध है। इस प्रक्रिया को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने अधिकारियों को भेजे पत्र में अनुरोध किया है कि आप तत्काल जिलों की पुलिस को पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट न करने के आदेश देने की कृपा करें।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ गिरीश शर्मा नेवी हॉस्टल की निंदा की है उन्होंने अपने बयान में कहा है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का फासीवादी अभियान से बदलाव जरुरी रैली को कथित रूप से असफल बनाने की साजिश के सामने रुकेंगे नहीं! झुकेंगे नहीं! हम 1 सितंबर दिल्ली रैली को बनाएंगे कामयाब। सरकार की कार्यवाही से बदलाव जरूरी है!यह साबित हो गया।


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