दिल्ली की सरजमीं पर छाया लाल झंडों का सैलाब,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की हुंकार...बदलाव जरूरी है!
नई दिल्ली (मुक्तिदीप) 01 सितंबर को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से मंगलवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विशाल रैली में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। लाल झंडों के साथ पहुंचे किसानों, मजदूरों, नौजवानों, महिलाओं, छात्रों और पार्टी समर्थकों ने बेरोजगारी, महंगाई, किसानों-मजदूरों की समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। रैली में ‘बदलाव जरूरी है’ का नारा प्रमुखता से गूंजा।
देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रैली में भाग लेने दिल्ली पहुंचे। बिहार के सहरसा से ही एक हजार से अधिक कार्यकर्ताओं के जत्थे के दिल्ली रवाना होने की जानकारी सामने आई थी। विभिन्न राज्यों से आए कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी को पार्टी के संगठनात्मक आधार और जमीनी सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।
रैली को संबोधित करते हुए सीपीआई नेताओं ने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ाई हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, मजदूरों को अधिकार एवं सामाजिक सुरक्षा, युवाओं को रोजगार तथा आम लोगों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
पार्टी नेताओं ने संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघीय ढांचे की रक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनभागीदारी आवश्यक है।
देशभर से पहुंचे कार्यकर्ता
रैली में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह केवल राजधानी में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विभिन्न वर्गों की समस्याओं और जनसरोकारों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास है। पार्टी के अनुसार, रैली की तैयारी के लिए विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्राओं, जनसंपर्क अभियानों और बैठकों के माध्यम से लोगों से संपर्क किया गया था।
सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ गिरीश ने मुक्तिदीप से बात करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जनता से जुड़े सवालों को लेकर संघर्ष को और व्यापक बनाने की जरूरत है। रैली को आगे के जनआंदोलनों की शुरुआत बताते हुए कार्यकर्ताओं से गांवों, खेतों, कारखानों, विश्वविद्यालयों, बस्तियों और कार्यस्थलों तक जनसंपर्क बढ़ाने का आह्वान किया गया।
‘बदलाव’ का अर्थ नीतियों में परिवर्तन
रैली में वक्ताओं ने कहा कि बदलाव का अर्थ केवल सरकार बदलना नहीं, बल्कि नीतियों की दिशा में परिवर्तन लाना है। रोजगार, महंगाई पर नियंत्रण, किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य को आम जनता की पहुंच में रखना तथा संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना इस बदलाव का आधार होना चाहिए।
सीपीआई के नेताओं ने कहा कि देश में जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा और पार्टी इन सवालों को लेकर व्यापक जनअभियान चलाएगी।
रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ के बीच कार्यकर्ताओं ने ‘बदलाव जरूरी है’ के नारे लगाए। पार्टी ने रैली को जनसरोकारों के मुद्दों पर आगे के संघर्ष की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
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