गाज़ियाबाद में भाकपा मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन सम्पन्न। दलितों,अल्पसंख्यको, शोषितों, पर डबल इंजिन की सरकार कर रही बुलेट-बुलडोज़र की कार्यवाही: डॉ अरविंद स्वरूप

गाज़ियाबाद (मुक्तिदीप) दिनांक 2 अगस्त 2026 को शहीद नगर साहिबाबाद स्तिथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यालय एम फ़ारूक़ी भवन पर दो मंडलों ( सहारनपुर और मेरठ) के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता कॉम शरीफ अहमद मेरठ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में कॉम अरविंद राज स्वरूप राज्य सचिव और विशिष्ठ अतिथि के रूप में कॉम डॉ गिरीशचन्द्र शर्मा, राष्ट्रीय सचिव भाकपा ने इस सम्मेलन ने भाग लिया।

कॉम अब्दुल रशीद ने संचालन करते हुए राज्य सचिव अरविंद राज स्वरूप को पूरे प्रदेश के कार्यक्रम को सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओ के समुख रखने का आग्रह किया। कॉम अरविंद राज स्वरूप ने बोलते हुए देश के बदलते हालात पर पार्टी की पैनी नज़र को रखते हुए पार्टी द्वारा दिए गए प्रोग्रामो को विस्तार पूर्वक बताया उन्होंने बताया कि पार्टी ने निर्णय किया है कि दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यको, शोषितों, वंचितों पर हो रहे डबल इंजिन की सरकारों द्वारा किये जा रहे बुलेट ओर बुलडोज़र के कार्यवाही के खिलाफ पार्टी मजबूती के साथ खड़ी हुई है और उनके इस लड़ाई को लड़ने का प्रण लिया है। पार्टी प्लान को रखते हुए 6 से 15 अगस्त के बीच में गांव गांव, मोहल्ला मोहल्ला पद यात्राओं के माध्यम से निरंकुश सरकार के खिलाफ पर्चा बाटते हुए लोगो को लामबंद किया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा संख्या में 1 सितंबर को राम लीला मैदान में होने वाली बदलाव ज़रूरी है नामक रैली में लाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। अंत मे उन्होंने 1 सितंबर की रैली को कामयाब बनाने की अपील की। आगे मुज़फ्फरनगर से कॉम शाहनवाज़ आलम, सहारनपुर से कॉम चंद्रपाल सिंह, बुलंदशहर से कॉम अजय सिंह, बागपत से कॉम राजेन्द्र जैन, गौतमबुद्धनगर से कॉम बिजेंद्र शर्मा और कॉम मुंसफ अली, गाज़ियाबाद से पूर्णेन्दु शर्मा, कॉम सईद अनवर और कॉम अज़ीज़ अंसारी और विशेष रूप से आये गाज़ीपुर से ईश्वरलाल गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं से बदलाव रैली में पहुँचने की अपील की। अंत मे राष्ट्रीय सचिव कॉम डॉ गिरीशचन्द्र शर्मा ने पूरे देश की जनता के समक्ष उत्पन्न गंभीर आर्थिक संकट के ऊपर बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार संवेदनहीन है। किसानों को फसल का मिनिमम प्राइज नही मिल रहा है और तो और बुवाई के लिए बीज और खाद्य प्रदार्थों की आपूर्ति वक्त पर नही करा पा रही है। छात्र नीट की तैयारी करता है और पेपर लीक करा दिया जाता है इससे छात्रों को आर्थिक और मानसिक के रूप में दोहरी मार झेलनी पड़ती है, नोजवानों के लिए रोजगार नही है जबकि सरकार ने सत्ता में आने से पहले प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार मुहैया कराने का वादा किया था, महिलाओं को 33% आरक्षण देने में भी ये सरकार विफल रही है, अल्पसंख्यको में खास तौर पर मुसलमानों को बुलेट और बुलडोज़र का भय दिखा कर धर्म के नाम पर भयभीत और आतंकित इस सरकार ने किया है। इसलिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नारा बदलाव ज़रूरी है बुलन्द किया है। बदलाव इसलिए भी ज़रूरी है किसान परेशान, छात्र परेशान, युवा परेशान, दलित परेशान, मुसलमान परेशान, महिला परेशान यानी सारे तबके इस सरकार से इसकी नीतियों से परेशान है, इसलिए 1 सितंबर को दिल्ली के राम लीला ग्राउंड में बदलाव रैली का आयोजन किया है रैली को सफल बनाने में प्रत्येक कार्यकर्ताओ का दायित्व है कि गाँव गाँव गली गली में सरकार की कुनीतियो को जनता के समक्ष रखने का आह्वान किया। अंत मे डॉ गिरीश ने कहा कि ये अडानी अम्बानी की सरकार राष्ट्रीय स्तर पर तो फैल हुई है, साथ ही अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी विदेश नीति और कूट नीति में फैल साबित हुई है। वहीं ईरान हमारा दोस्त रहा है वहाँ के सुप्रीम लीडर के हत्या किए जाने पर भी भारतीय सरकार ने अपनी संवेदना प्रकट नही की। आखिर में जनता को निरंकुत सरकार से आज़ादी दिलाने में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का एक एक कार्यकर्ता पूरी जी जान लगा देगा और आने वाले लोकसभा चुनाव में इस फ़ासिस्ट सरकार को उखाड़ फैंकने का काम करेगा। आखिर मे अध्यक्षता कर रहे हुए कॉम शरीफ अहमद ने सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया और सम्मेलन की समाप्ति की घोषणा की।

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