शिलर इंस्टीट्यूट में फर्जीवाड़े और गबन का मामला: पूर्व प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
गाजियाबाद (मुक्तिदीप) कवि नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध शिलर इंस्टीट्यूट समिति में धोखाधड़ी, कूटरचना और खातों में भारी हेरफेर का एक बड़ा मामला सामने आया है। समिति की नवनिर्वाचित सचिव श्रीमती निधि गुप्ता की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने पूर्व प्रबंधकों और उनके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर में फर्जी पद और लाखों के अवैध वेतन का आरोप लगाते हुए समिति की सचिव श्रीमती निधि गुप्ता पत्नी श्री अनुज कुमार गुप्ता ने कहा है कि संस्था का पूर्व में रखरखाव देख रहे अजय कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी श्रीमती प्रीति गुप्ता ने बिना किसी वैध प्रस्ताव के खुद को अवैध तरीके से विद्यालय का प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) घोषित कर दिया। आरोपी अजय गुप्ता ने समिति के खातों से हर महीने वेतन के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि अवैध रूप से निकाली।
शिकायतकर्ता के अनुसार, डिप्टी रजिस्ट्रार (चिट फंड), गाजियाबाद द्वारा पारित आदेश में भी अजय गुप्ता द्वारा जनवरी 2025 में फर्जी तरीके से वेतन प्राप्त करने की बात स्वीकार किए जाने का उल्लेख है। डिप्टी रजिस्ट्रार ने पुरानी कार्यकारिणी को समाप्त घोषित करते हुए चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत 27 जून 2025 को संपन्न हुए चुनावों में श्रीमती निधि गुप्ता सचिव पद पर चुनी गईं।
चुनाव जीतने के बाद जब नवनिर्वाचित सचिव निधि गुप्ता ने खातों का ब्योरा मांगा, तो आरोपियों ने दस्तावेजों और खातों पर अवैध कब्जा जमा लिया। आरोप है कि वित्तीय जांच के लिए सीए नियुक्त किए जाने के बावजूद आरोपियों ने जांच अधिकारी को संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए।
यही नहीं, कानूनी कार्रवाई शुरू होने पर आरोपियों ने विद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों से सीधे नकद फीस वसूलना शुरू कर दिया और इस धनराशि को व्यक्तिगत उपयोग में लेने लगे, जिसका कोई आधिकारिक हिसाब-किताब नहीं दिया जा रहा है। श्रीमती निधि गुप्ता की कोर्ट में शिकायत के बाद अदालत के आदेश पर अजय कुमार गुप्ता उनकी पत्नी श्रीमती प्रीति गुप्ता निवासी राजनगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद, अर्णव गुप्ता निवासी शिलर इंस्टीट्यूट, राजनगर, जोसेफ एलेक्जेंडर शिलर इंस्टीट्यूट, राजनगर आदि के नाम संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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