गाजियाबाद की हवा में घुला जहर, गोविंदपुरम,वसुंधरा,इंदिरापुरम में प्रदूषण उच्चस्तर पर, प्रशासन मूक।

भारी हाउस टैक्स के बावजूद प्रदूषण से बेहाल शहरवासी, सांसों पर संकट

गाजियाबाद (मुक्तिदीप) महानगर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। शहर के विभिन्न इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गोविंदपुरम में AQI 366, खोड़ा में 317, संजय नगर में 296 और वसुंधरा में 286 दर्ज किया गया। ये आंकड़े हवा में प्रदूषण की गंभीर स्थिति की ओर संकेत करते हैं।

प्रदूषण का बढ़ता स्तर गाजियाबाद के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। हवा में मौजूद धूल, धुआं और सूक्ष्म प्रदूषक कण सांस संबंधी बीमारियों, आंखों में जलन तथा फेफड़ों और हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है।

शहरवासियों का कहना है कि नगर निगम को भारी हाउस टैक्स देने के बावजूद उन्हें स्वच्छ हवा जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल पा रही है। प्रदूषण की समस्या ने लोगों को अपने ही घरों में रहने और बाहर निकलने से पहले कई बार सोचने को मजबूर कर दिया है।

औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं, वाहनों का उत्सर्जन, निर्माण स्थलों की धूल और सड़कों पर उड़ती मिट्टी वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठाने होंगे।

शहर में सड़कों की नियमित सफाई, धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय, निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन, कूड़ा जलाने पर रोक तथा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई जरूरी है। साथ ही, प्रदूषण के स्तर की नियमित निगरानी और नागरिकों को सही जानकारी उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।

गाजियाबाद के नागरिक नगर निगम और जिला प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि उन्हें केवल कर चुकाने वाला नागरिक न समझा जाए, बल्कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण में जीने का अधिकार भी सुनिश्चित किया जाए।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष यादव ने प्रशासन से प्रश्न किया है कि जब नागरिक भारी टैक्स चुका रहे हैं, तो उन्हें सांस लेने के लिए स्वच्छ हवा कब मिलेगी। उन्होंने गाज़ियाबाद की आबोहवा पर चिंता व्यक्त करते हुए तुरन्त प्रशासन से समाधान की मांग की है।

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