गीतकार धनंजय सिंह के जन्मदिन पर आयोजनों का पखवारा शुरू, साहित्य जगत में उत्साह
नई दिल्ली (मुक्तिदीप ) सुप्रसिद्ध गीतकार धनंजय सिंह का जन्म दिन 29 अक्टूबर को है। 28 अक्टूबर को वे 81 साल के हो जायेंगे। 29 अक्टूबर को उनका 82वां जन्म दिन है।
आम तौर पर जन्मदिन उसी दिन मनाया जाता है। लेकिन कवि, शायर, गीतकार कुछ अलग ही होते हैं। “ जब जागो तभी सवेरा “ की स्टाइल में जब समय मिले तभी जन्म दिन मना लो की उक्ति चरितार्थ कर देते हैं। इस वर्ष धनंजय सिंह के साथ भी यही हुआ। पहले गाजियाबाद की साहित्यिक संस्था अमर भारती ने उनका जन्म दिन 18 अक्टूबर को मनाया और बीते रविवार, 25 अक्टूबर को गायत्री साहित्य संस्थान ने दिल्ली के हिंदी भवन में। अभी 29 तारीख आनी बाकी है। उनके कुछ मित्रों ने 31 अक्टूबर को भी उनका जन्म दिन मनाने की योजना बनाई हुई है। इस तरह देखें तो गीतकार का जन्म दिन नहीं बल्कि जन्म दिन पखवारा मनाया जा रहा है। ठीक हिंदी पखवारे की तरह। हिंदी पखवारा 1 सितंबर से 14 सितंबर तक मनाया जाता है। कुछ सरकारी विभागों में यह 14 सितंबर से 28 सितंबर तक भी मनाया जाता है।
गायत्री साहित्य संस्थान की ओर से जो जन्म दिन मनाया गया, उसकी संस्थापक अध्यक्ष बबली वशिष्ठ हैं। बबली वशिष्ठ डॉ. धनंजय सिंह की प्रिय शिष्या हैं और डॉक्टर धनंजय सिंह के जन्म दिन पर प्रति वर्ष ये कार्यक्रम आयोजित करती हैं। इस कार्यक्रम के आयोजन में उनकी बड़ी बहन मंजू वशिष्ठ की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस बार का कार्यक्रम भी इन्होंने बहुत धूमधाम से मनाया और इस कार्यक्रम में हिंदी साहित्य जगत, फिल्म, पत्रकारिता, समाज सेवा और दूसरे क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंच पर खुद डॉक्टर धनंजय सिंह, शानदार गजलकार सुरेंद्र सिंघल, कई सारी विधाओं में हिंदी साहित्य की सेवा कर रहे 44 पुस्तकों के लेखक, कमलेश भट्ट, अंतहीन फिल्म के निर्माता, निर्देशक दिनेश लखनपाल, वर्षों तक संसद से जुड़ी रहीं ऊषा खन्ना, गाजियाबाद में शंभू दयाल डिग्री कॉलेज की प्रवक्ता पूनम सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अमरेंद्र कुमार राय और रवि पाराशर मौजूद रहे तो सामने पचास से भी ज्यादा गणमान्य लोग विराजमान थे।
मंच पर मौजूद वक्ताओं ने जहां डॉक्टर धनंजय सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला वहीं सभागार में मौजूद कवियों और रचनाकारों ने अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। आखिर में डॉक्टर धनंजय सिंह ने अपने दो गीत श्रोताओं को सुनाये और कार्यक्रम के अध्यक्ष कमलेश भट्ट कमल ने कार्यक्रम की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए अपने दो शेर पेश किये। कार्यक्रम का संचालन कवित्री राज रानी भल्ला ने बबली वशिष्ठ के सहयोग से बहुत ही आकर्षक अंदाज में पेश किया। कार्यक्रम में डॉक्टर धनंजय सिंह की अर्धांगिनी श्रीमती मधु सिंह भी मौजूद थीं।
इस अवसर पर डॉक्टर धनंजय सिंह को बधाई देने एक से एक दिग्गज पधारे थे। इनमें बबली वशिष्ठ के एक दूसरे गुरू अशोक मधुप ( ये अपने आप को बबली वशिष्ठ का छोटा गुरू कहते हैं। बड़े गुरू डॉक्टर धनंजय सिंह हैं ), कवित्री नेहा वैद, शायरा संगीता चौहान “ सदक “ शामिल थीं। इनके साथ ही गोपाल गुंजन, राजीव श्रीवास्तव, किशोर कुमार “ कौशल “, हरभजन सिंह देओल, सी.एल. शर्मा, सरफराज अहमद फराज देहलवी, चश्मा फारूकी, डॉक्टर वीणा मित्तल, रंजना अग्रवाल, रेनू, रेखा मेहरोत्रा, मोईन सादाब, जगन्नाथ राय, वरिष्ठ पत्रकार मधु श्रीवास्तव, राज कुमार श्रीवास्तव, रजनी बाला सहज, दिलदार देहलवी, नरेन्द्र शर्मा “ खामोश “, कुमार दत्त, राजीव आशीष, अरुन सिंह, हाशिम देहलवी, पवन कुमार तोमर, सत्येंद्र पाल सिंह, अजय कुमार बंसल, हिमाचल से डॉक्टर विजय पुरी , मोनिका, उत्तम सूर्यवंशी, बीएम, गोल्डी गजब, डॉ. सुशील शैली, मुवीत अहमद खान और राशिद हाशमी, मनोज अबोध, ओम सपरा आदि मौजूद थे।
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