श्री रवि अरोड़ा

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श्री रवि अरोड़ा

श्री रवि अरोड़ा गाज़ियाबाद के एक अत्यंत प्रतिष्ठित और वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार, संपादक व लेखक हैं। उन्होंने दशकों से हिंदी पत्रकारिता और समकालीन राजनीति पर अपनी पैनी और निष्पक्ष टिप्पणियों के माध्यम से समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

4 articles · writing since August 2026

अजब तेरी कारीगरी रे सरकार: रवि अरोड़ा

बात ज्यादा पुरानी नहीं है। आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड अपनी पर्स में रखता था। एक बार मासिक बिल आया 2307 रुपए । मैने लमसम तेईस सौ रुपए तो जमा कर दिए मगर सात रुपए यह सोच कर छोड़ दिए कि अगले महीने क...

भूखे वंदे मातरम् न होत गोपाला : रवि अरोड़ा

◆रवि अरोड़ा अजब तमाशा है। जनता जनार्दन महंगाई के बोझ तले मरी जा रही है और सरकार वंदे मातरम् का राग अलाप रही है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल भी कहां महंगाई को विमर्श के केंद्र में लाने देना चाहते हैं...

कुछ बातें लफ्फाजी के पार

◆ रवि अरोड़ा बचपन गरीबी में बीता। शायद आपका भी । जब देश ही गरीब था तो हम आप कैसे अमीर होते । आज आसपास बिखरी हुईं तमाम सुविधाएं तब नहीं थीं। आज़ादी के 80वें वर्ष में प्रवेश करते समय कम से कम इस विकास प...

कांवड़ यात्रा: क्या केवल आस्था का विस्तार !

◆ रवि अरोड़ासावन का महीना है और सड़कों पर जहां तक निगाह डालो भगवा रंग ही दिखाई दे रहा है। हरिद्वार से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और बिहार तक सड़कों पर कांवड़ियों की भीड़, उनक...