राहुल गांधी होने का अर्थ : रवि अरोड़ा
नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम के एक मॉल के बाहर एक छोटी बच्ची असहाय लोगों के सहायतार्थ फूल बेच रही थी। वह बच्ची मॉल में आते जाते हर व्यक्ति से फूल खरीदने का अनुरोध कर रही थी मगर लोग बाग़ उसे नो थैंक्स...
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श्री रवि अरोड़ा गाज़ियाबाद के एक अत्यंत प्रतिष्ठित और वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार, संपादक व लेखक हैं। उन्होंने दशकों से हिंदी पत्रकारिता और समकालीन राजनीति पर अपनी पैनी और निष्पक्ष टिप्पणियों के माध्यम से समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
11 articles · writing since August 2026
नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम के एक मॉल के बाहर एक छोटी बच्ची असहाय लोगों के सहायतार्थ फूल बेच रही थी। वह बच्ची मॉल में आते जाते हर व्यक्ति से फूल खरीदने का अनुरोध कर रही थी मगर लोग बाग़ उसे नो थैंक्स...
By श्री रवि अरोड़ा · 18 October 2026
युवा प्रदर्शनकारियों से डर कर पूरी दिल्ली को बंधक बना लिए जाने को बेशक आप कुछ भी नाम दें मगर दुनिया भर में इसे ' डर ' की संज्ञा दी जा रही है। डर का ऐसा सरकारी रूप कम से कम दिल्ली ने तो कभी नहीं देखा थ...
By श्री रवि अरोड़ा · 12 October 2026
बसपा कार्यकर्ता आर एन आर्य उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के सदस्य थे । उनका कार्यकाल 1996 से 2002 तक रहा। पार्टी के गाज़ियाबाद कार्यालय में वे आए दिन आ बैठते थे और चूंकि मेरा घर बसपा कार्यालय के बिल्कुल प...
By श्री रवि अरोड़ा · 5 October 2026
लीजिए यह खबर आप तक पहुंचा ही दी गई कि चुनाव आयोग में अब सबकुछ ठीक हो गया है और विवाद के मेले में बिछड़े तीनों चुनाव आयुक्त फिर एक बार फिल्मी स्टाइल में गले मिल चुके हैं । मगर क्या वाकई आयोग में अब सब क...
By श्री रवि अरोड़ा · 27 September 2026
यह बात अगस्त 1990 की है। तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह नीत जनता दल सरकार द्वारा मंडल आयोग की सिफारिशें लागू करने के खिलाफ देश भर के छात्र आंदोलनरत थे और अनेक छात्रों ने आत्मदाह तक कर लिया था । इसी त...
By श्री रवि अरोड़ा · 20 September 2026
पंजाबी की कहावत है ' ना मैं गिनी, ना मेरे घट्टे ' यानी जब तक हमनें अपनी जेब के सिक्के गिनें ही नहीं तब तक वे भला कम ही कैसे होंगे । कुछ यही हाल आजकल हमारा है। पूरी दुनिया में कोहराम मचा है कि आर्टिफीश...
By श्री रवि अरोड़ा · 13 September 2026
हो सकता है कि धर्म किसी के लिए केवल आस्था का विषय हो मगर दर हक़ीक़त यह है कि धर्म हमारी संस्कृति, सामाजिक जीवन और सामूहिक स्मृति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है । इसी रौशनी में जब हम देखते हैं कि मुल्क में...
By श्री रवि अरोड़ा · 6 September 2026
बात ज्यादा पुरानी नहीं है। आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड अपनी पर्स में रखता था। एक बार मासिक बिल आया 2307 रुपए । मैने लमसम तेईस सौ रुपए तो जमा कर दिए मगर सात रुपए यह सोच कर छोड़ दिए कि अगले महीने क...
By श्री रवि अरोड़ा · 30 August 2026
◆रवि अरोड़ा अजब तमाशा है। जनता जनार्दन महंगाई के बोझ तले मरी जा रही है और सरकार वंदे मातरम् का राग अलाप रही है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल भी कहां महंगाई को विमर्श के केंद्र में लाने देना चाहते हैं...
By श्री रवि अरोड़ा · 23 August 2026
◆ रवि अरोड़ा बचपन गरीबी में बीता। शायद आपका भी । जब देश ही गरीब था तो हम आप कैसे अमीर होते । आज आसपास बिखरी हुईं तमाम सुविधाएं तब नहीं थीं। आज़ादी के 80वें वर्ष में प्रवेश करते समय कम से कम इस विकास प...
By श्री रवि अरोड़ा · 17 August 2026
◆ रवि अरोड़ासावन का महीना है और सड़कों पर जहां तक निगाह डालो भगवा रंग ही दिखाई दे रहा है। हरिद्वार से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और बिहार तक सड़कों पर कांवड़ियों की भीड़, उनक...
By श्री रवि अरोड़ा · 9 August 2026