देश भर से आए अदीबों से गुलज़ार हुई "बारादरी"
बारादरी के मंच पर फनकारी का हर रंग मौजूद है: अनुराग मुस्कान
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वरिष्ठ लेखक / पत्रकार
6 articles · writing since August 2026
बारादरी के मंच पर फनकारी का हर रंग मौजूद है: अनुराग मुस्कान
By आलोक यात्री · 5 October 2026
महानगर के इंसान की हैसियत को आंकने, देखने का सबका अलग-अलग पैमाना हो सकता है। लेकिन लगभग दो दशक के दौरान मेरा निजी आकलन यह है कि महानगर में आदमी एक पल्ले का दरवाजा हो कर रह गया है। इस बात का अहसास लगभग...
By आलोक यात्री · 31 August 2026
◆ आलोक यात्रीएक सीन में दिखाई पड़ते हैं तीन आदमी। जी हां! तीन आदमी। 18 साल का बेटा, मां और बाप... पहाड़ की खतरनाक चोटी पर...मंज़र को लाइव देख रहे दर्शकों की हैप्पी एंडिंग की आशा के बिल्कुल विपरीत बहुत...
By आलोक यात्री · 25 August 2026
◆ आलोक यात्रीजंतर मंतर पर सब कुछ सामान्य चल रहा था लेकिन पता नहीं किस तुफैल में किसी ने बोतल का ढक्कन खोल दिया ढक्कन खुलते ही... जिन बोतल से बाहर आ गया और इन दिनों विक्रमादित्य की पीठ पर बेताल की तरह...
By आलोक यात्री · 8 August 2026
◆ आलोक यात्री कहते हैं भूख से बड़ी त्रासदी कोई दूसरी नहीं। क्या ईश्वर ने मानव को भूख की सौगात देकर इस धरती पर भेजा है। भूख और उसके वैश्विक आंकड़ों को देख कर तो ऐसा ही लगता है। दुनिया की एक बड़ी आबादी...
By आलोक यात्री · 8 August 2026
◆ श्री आलोक यात्रीयह कहानी त्सुतोमु यामागुची की है। जो हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु हमले के पीड़ित थे। वह स्वयं को "हिबाकुशा" कहते थे। यह कहानी उन्होंने खुद मरने से कुछ पहले दुनिया को सुनाई थी।...
By आलोक यात्री · 6 August 2026