ज्ञानेश कुमार को खतरा ! :अमरेंद्र कुमार राय
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को Z + ( जेड प्लस ) श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। भारत में नागरिकों को मिलने वाली सुरक्षा का यह दूसरा सबसे बड़ा स्तर है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर )...
Author
अमरेंद्र कुमार राय वरिष्ठ पत्रकार हैं। ये पिछले 45 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं। इन्हें प्रिंट और टीवी दोनों ही क्षेत्रों का पर्याप्त अनुभव है। प्रिंट में इन्होंने जनसत्ता और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया है। टीवी में सहारा टीवी, जी न्यूज और इंडिया टीवी में बड़े पदों पर रहे हैं। इन्होंने तीन पुस्तकें भी लिखी हैं, जिसमें नेशनल बुक ट्रस्ट से प्रकाशित पुस्तक " गंगा तीरे " काफी चर्चित है। पिछले दस साल से भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं।
10 articles · writing since July 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को Z + ( जेड प्लस ) श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। भारत में नागरिकों को मिलने वाली सुरक्षा का यह दूसरा सबसे बड़ा स्तर है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर )...
By अमरेंद्र कुमार राय · 13 October 2026
चुनाव आयोग की साख को एक बार फिर बट्टा लगा है। हाल ही में एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार ने छापा है कि चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले दस महीनों में 14 बार पत्र लिखकर आपत्ति जताई है कि चुनाव आयोग मे...
By अमरेंद्र कुमार राय · 28 September 2026
भारत में गंगा को मां कहा जाता है। उसी तरह सरस्वती नदी को विद्या की देवी कहा जाता है। बचपन में जब हम पुस्तक खोलते थे तो पहले उसे प्रणाम करते थे। पांव लग जाए तो अपराध बोध से ग्रसित हो जाते थे और प्रणाम...
By अमरेंद्र कुमार राय · 21 September 2026
अभी हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने पर दिल्ली पुलिस ने दो महिला पत्रकारों की जमकर पिटाई की। देश की राजधानी नई दिल्ली में ही भारत सरकार के पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी को उठा लिया...
By अमरेंद्र कुमार राय · 7 September 2026
हिंदुओं के मूल ग्रंथों में वेद, उपनिषद, पुराण आदि हैं। लेकिन इन्हें बहुत कम हिंदुओं ने पढ़ा है। इनके विपरीत रामायण ( राम चरित मानस ), महाभारत, श्रीमदभागवत गीता और श्रीमदभागवत ज्यादा पढ़े गये हैं। रामा...
By अमरेंद्र कुमार राय · 1 September 2026
◆ अमरेंद्र कुमार रायराहुल गांधी को अब कोई “ पप्पू “ नहीं कहता। न इसकी चर्चा होती है। राहुल गांधी के सफेद टी शर्ट की भी अब चर्चा नहीं होती। उनके बारह हजार के जूतों की भी अब चर्चा नहीं होती। बल्कि इस सम...
By अमरेंद्र कुमार राय · 24 August 2026
◆अमरेंद्र कुमार राय15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लाल किले से भाषण दिया तो लोगों ने दो चीजें खासकर नोटिस कीं। एक कांपते हाथ और लड़खड़ाती जुबान और दूसरा दिमागी नक्सली का “ जुमला “। हां, इस...
By अमरेंद्र कुमार राय · 17 August 2026
◆ अमरेंद्र कुमार रायभोजपुरी इलाके में पहले रात को जब छोटे बच्चे नहीं सोते थे तो उन्हें यह कहकर डराया जाता था कि जल्दी सो जाओ वरना “ हुंड़ार “ आयेगा और ले जाएगा। आजतक यह समझ में नहीं आया कि यह “ हुंड़ा...
By अमरेंद्र कुमार राय · 10 August 2026
◆ अमरेंद्र कुमार रायआजकल मैं अखबार नहीं पढ़ता। टीवी पर खबरें देखना बहुत पहले ही छोड़ चुका हूं। ऐसा इसलिए क्योंकि मुझे लगता है कि अखबार और टीवी सही खबरें नहीं प्रकाशित कर रहे, न दिखा रहे हैं। पिछले करी...
By अमरेंद्र कुमार राय · 4 August 2026
किसी आंदोलन की तुलना भूकंप से करना ठीक नहीं। क्योंकि भूकंप बिना बताए आता है और कुछ सेकेंड या कुछ मिनट में बहुत कुछ तहस नहस करके चला जाता है। लेकिन नतीजों के मामले में देखें तो “कॉकरोच” आंदोलन ने सरकार...
By अमरेंद्र कुमार राय · 27 July 2026