dr swati choudhary

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dr swati choudhary

डॉ. स्वाति चौधरी देश की जानी- मानी सुप्रसिद्ध कथाकार,कवयित्री, ललित निबंधकार, पत्रकार, व्यंग्यकार, संपादक, एंकर, आलोचक, समीक्षक, एकांकी लेखन व अनुवादक के तौर पर जानी जाती हैं।

7 articles · writing since August 2026

बकरीलोक: मिमियाती महानता का महासमर ◆ डॉ स्वाति चौधरी

यह देश अब 'लोकतंत्र' नहीं, 'बकरीतंत्र' बन चुका है। जहाँ हर नागरिक मिमियाने में गर्व महसूस करता है, और हर नेता बकरी चराने को 'विकास यात्रा' बताता है।यहाँ बहस नहीं होती, बस मैं-मैं' का महायुद्ध होता है।...

व्यंग्य यात्रा..... पिपहरीपुर का महाउत्सव: डॉ स्वाति चौधरी

पिपहरीपुर एक अद्भुत देश था। वहाँ के नागरिक जन्म से ही दो चीज़ें सीखते थे; तालियाँ बजाना और पिपहरी की आवाज़ पहचानना। जैसे ही कहीं से "पीं-पीं" की ध्वनि आती, लोग समझ जाते, कोई बड़ा ऐलान होने वाला है। बच...

आगे कुआँ, पीछे खाई : द्विधा का द्वार

कहते हैं, सप्तसमुद्रों के पार एक राज्य था, 'द्विधालोक'। वहाँ के मानचित्र पर केवल दो स्थल चिह्नित थे। एक असीम गहरा कुआँ और दूसरी अथाह खाई। बीच की पतली-सी भूमि पर ही राजमहल, बाज़ार, विश्वविद्यालय और नाग...

स्वप्नलोक और राक्षस बकुल: डॉ स्वाति चौधरी

स्वप्नलोक, जो न तो आकाश में था, न पृथ्वी पर, बल्कि दोनों के बीच एक विशिष्ट और अदृश्य स्थान था। एक रहस्यमय संसार! वहाँ न कोई ध्वनि थी, न कोई हलचल, बस मौन की एक अदृश्य परत थी; जिस पर सोने वालों के ख़्वा...

व्यंग्य संसार: चिंटू के नक़्शे पर खोया सफ़र

◆ डॉ स्वाति चौधरी कहते हैं, कि यात्रा आत्मा को शुद्ध करती है। किंतु, मित्र मंडली की आत्मा तो उस दिन से ही थर-थर काँप रही है जब उन्होंने "घूमने चलें उत्तराखंड" का प्रस्ताव स्वीकार किया था। ऐसा नहीं था...

व्यंग्य संसार: जादुई गलियारा

◆ डॉ स्वाति चौधरीराजनीति ने फिर एक नया अध्याय खोला; सशक्तिकरण, समानता, प्रतिनिधित्व। किंतु, इन शब्दों के बीच जो छोटी-सी पंक्ति चमक रही, "शर्तें लागू" ...यही मुझे एक अजीब-सी खींच के साथ संसद की ओर ले ग...

पिपहरीपुर का महाउत्सव

◆ डॉ स्वाति चौधरीपिपहरीपुर एक अद्भुत देश था। वहाँ के नागरिक जन्म से ही दो चीज़ें सीखते; तालियाँ बजाना और पिपहरी की आवाज़ पहचानना। जैसे ही कहीं से "पीं-पीं" की ध्वनि आती, लोग समझ जाते, कोई बड़ा ऐलान हो...